घरों में घुसा पानी, सामान लेकर सुरक्षित जगह जा रहे लोग
गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से लखनऊ के उत्तरी हिस्सों में एक सप्ताह से अधिक समय से बाढ़ का असर बना हुआ है। फैजुल्लागंज समेत कई इलाकों में घरों तक पानी पहुंच गया है। प्रभावित परिवार जरूरी सामान लेकर सुरक्षित जगहों पर जाने को मजबूर हैं।
जमीन बेचकर बनाया घर, अब छोड़ने की मजबूरी
फैजुल्लागंज की रहने वाली सोनी कश्यप गुरुवार दोपहर घुटनों तक भरे पानी से गुजरती दिखाई दीं। उनके पास कंबल, एलपीजी सिलेंडर और राशन था। वह अपने परिवार के साथ एक रिश्तेदार के घर पर रह रही हैं, क्योंकि उनका मकान पानी में डूब गया है।
सोनी ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा, “खेत बेचकर घर बनाया है। कैसे छोड़ दें?” उनका यह बयान उन परिवारों की मजबूरी दिखाता है, जिनके लिए घर सिर्फ रहने की जगह नहीं, बल्कि जीवनभर की कमाई है।
पांच हजार परिवारों पर बाढ़ का असर
रिपोर्ट के मुताबिक, गोमती नदी के बढ़े जलस्तर ने फैजुल्लागंज, दाऊद नगर, लोहर्मऊ और बनारसी होटल सहित उत्तरी लखनऊ के कई इलाकों को प्रभावित किया है।
इन क्षेत्रों में करीब 5,000 परिवार यानी लगभग 25,000 लोग बाढ़ से प्रभावित बताए गए हैं। कई परिवारों को अस्थायी रूप से अपने घरों से बाहर रहना पड़ रहा है।
लोगों के सामने खाने-पीने और रहने की चुनौती
बाढ़ के कारण प्रभावित परिवारों को जरूरी सामान सुरक्षित जगह तक पहुंचाने और रहने की व्यवस्था करने में परेशानी हो रही है। घरों में पानी भरने से घरेलू सामान और रोजमर्रा की जिंदगी भी प्रभावित हुई है।
प्रशासन के सामने राहत पहुंचाने की चुनौती
बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों की सुरक्षा, सुरक्षित स्थानों तक पहुंच और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना अहम है। जलस्तर और जलभराव की स्थिति को देखते हुए राहत कार्यों तथा प्रशासनिक इंतजामों की जानकारी पर नजर बनी हुई है।
⚠️ जरूरी सूचना: प्रभावित परिवारों और लोगों की संख्या उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट पर आधारित है। बाढ़ की स्थिति लगातार बदल सकती है। राहत, बचाव और जलस्तर से जुड़ी ताजा जानकारी के लिए स्थानीय प्रशासन की आधिकारिक सूचनाओं को प्राथमिकता दें।