कौन थीं सिटी अख्तर?
सिटी अख्तर नाम की बांग्लादेशी महिला का नाम सऊदी अरब में 14 अक्टूबर 2026 को फांसी दिए गए दो बांग्लादेशी नागरिकों में शामिल बताया गया है। सऊदी अधिकारियों के मुताबिक, दोनों को मक्का की एक मस्जिद में कथित अनुचित कृत्य के मामले में दोषी ठहराया गया था। <Cite refs={["turn218758news14","turn218758search3"]}/>
हालांकि, इस मामले में एक अहम पेच सामने आया है। बांग्लादेश में सिटी अख्तर के रूप में पहचानी जा रही महिला के परिवार ने मीडिया में प्रकाशित तस्वीर को अपनी बेटी से अलग बताया है। इसलिए उनकी पहचान को लेकर सवाल बने हुए हैं। <Cite refs={["turn218758search2"]}/>
बेटी को सऊदी अरब भेजने के लिए पिता ने लिया था कर्ज
रिपोर्टों के मुताबिक, फजल मिया ने अपनी सबसे छोटी बेटी को रोजगार के लिए सऊदी अरब भेजने के लिए करीब 1.5 लाख बांग्लादेशी टका उधार लिए थे। परिवार को उम्मीद थी कि बेटी वहां काम करके घर की आर्थिक स्थिति सुधारने में मदद करेगी।
पिता के अनुसार, शुरुआत के कुछ महीनों तक बेटी पैसे भेजती रही। बाद में उसने फोन पर बताया कि उसे जेल में डाल दिया गया है। उसने कथित तौर पर कहा था कि दूसरी महिला कर्मचारियों के साथ विवाद के बाद उसे झूठे मामले में फंसाया गया। यह परिवार की ओर से बताया गया पक्ष है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। <Cite refs={["turn218758news11","turn218758search1"]}/>
परिवार को फांसी की खबर कैसे मिली?
रिपोर्ट के अनुसार, परिवार को बेटी की कथित फांसी की जानकारी अनौपचारिक माध्यमों से मिली। पिता का कहना है कि जेल में रहने के दौरान बेटी कभी-कभी फोन करती थी, लेकिन उसने मुकदमे या मौत की सजा के बारे में विस्तार से नहीं बताया था।
परिवार अब तक आधिकारिक सूचना का इंतजार कर रहा है। पिता ने अपनी बेटी की स्थिति को लेकर अनिश्चितता जताई है। <Cite refs={["turn218758news11"]}/>
पहचान को लेकर क्यों उठे सवाल?
बांग्लादेशी मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार, तंगाइल जिले में रहने वाले परिवार ने कहा है कि सऊदी अधिकारियों द्वारा बताई गई महिला की तस्वीर उनकी बेटी से मेल नहीं खाती। परिवार का कहना है कि उनकी बेटी से हाल में फोन पर बात हुई थी और उसे उम्मीद थी कि वह जल्द घर लौट सकेगी।
कुछ रिपोर्टों में महिला की पहचान स्वीटी अख्तर के नाम से भी सामने आई है। ऐसे में यह स्पष्ट होना बाकी है कि सऊदी अधिकारियों द्वारा फांसी दी गई सिटी अख्तर वही महिला हैं या नहीं, जिन्हें तंगाइल का परिवार अपनी बेटी बता रहा है। <Cite refs={["turn218758search2","turn218758news11"]}/>
बांग्लादेश सरकार ने क्या कहा?
बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने सऊदी अरब में दो बांग्लादेशी नागरिकों को फांसी दिए जाने की जानकारी मिलने की बात कही है। हालांकि, शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, अधिकारियों ने उनकी पहचान की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की थी और मामले से जुड़े विवरण मांगे जा रहे थे। <Cite refs={["turn218758news14","turn218758search4"]}/>
सऊदी अधिकारियों ने बताया कि दोनों को अदालत द्वारा दोषी ठहराए जाने और सजा की पुष्टि के बाद फांसी दी गई। लेकिन मामले के सभी विवरण, आरोपों के सटीक आधार और परिवारों को दी गई आधिकारिक सूचना को लेकर सवाल बने हुए हैं। <Cite refs={["turn218758news14"]}/>
⚠️ जरूरी सूचना: सऊदी अधिकारियों ने 14 अक्टूबर 2026 को दो बांग्लादेशी नागरिकों को फांसी दिए जाने की घोषणा की है, लेकिन सिटी अख्तर की पहचान को लेकर उनके परिवार ने सवाल उठाए हैं। इसलिए परिवार की बेटी को फांसी दिए जाने की बात को अंतिम रूप से पुष्ट तथ्य के तौर पर पेश नहीं किया जाना चाहिए।