पिलर टूटने से अचानक मचा हड़कंप
लखनऊ के वजीरगंज इलाके के बारूदखाना में सोमवार सुबह एक बहुमंजिला आवासीय इमारत के पिलर में गंभीर दरार आने और उसके टूटने से अफरा-तफरी मच गई। घटना सुबह करीब 10:30 से 11 बजे के बीच हुई। इमारत में रहने वाले लोगों को अचानक तेज आवाज और झटके महसूस हुए, जिसके बाद कई परिवारों को लगा कि शायद भूकंप आया है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने इमारत को खाली कराया। करीब 25 परिवारों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
छह मंजिल तक बना दी गई थी इमारत
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने वर्ष 2009 में इस भवन के लिए केवल स्टिल्ट प्लस तीन मंजिल के नक्शे को मंजूरी दी थी। लेकिन बाद में इमारत को छह मंजिल तक बढ़ा दिया गया।
LDA अधिकारियों ने मौके पर बताया कि छठी मंजिल यानी टैरेस पर भी कमरे बनाए गए थे और उन्हें बेचे जाने की जानकारी सामने आई है। अधिकारियों के अनुसार, अतिरिक्त मंजिलों के कारण इमारत के ढांचे पर अतिरिक्त भार पड़ा हो सकता है। हालांकि, पिलर टूटने की सटीक वजह अभी तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
2020 में भी जारी हुआ था नोटिस
LDA के रिकॉर्ड के मुताबिक, भवन का नक्शा 25 मई 2009 को आवेदन के बाद 12 अगस्त 2009 को परमिट नंबर 26520 के तहत मंजूर किया गया था।
रिपोर्ट के अनुसार, 2020 में LDA ने छठी मंजिल पर कथित अवैध निर्माण को लेकर भवन मालिक शाहाबुद्दीन को नोटिस भी जारी किया था। हालांकि, इसके बाद भी निर्माण को लेकर कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी।
छह महीने से शिकायत करने का दावा
इमारत में रहने वाले कुछ लोगों ने दावा किया कि पिछले कई महीनों से भवन के पिलर और उसकी स्थिति को लेकर चिंता जताई जा रही थी।
एक निवासी ने बताया कि करीब छह महीने से पिलर कमजोर होने और मरम्मत की जरूरत की बात कही जा रही थी, लेकिन समय रहते कार्रवाई नहीं हुई। यह दावा भी जांच का हिस्सा हो सकता है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि प्रशासनिक जांच से होगी।
प्रशासन और बचाव टीमें मौके पर पहुंचीं
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस, LDA, नगर निगम, PWD और आपदा राहत से जुड़ी टीमें मौके पर पहुंचीं। प्रशासन ने आसपास के इलाके को भी सुरक्षित किया और लोगों की आवाजाही पर रोक लगाई।
इमारत को तत्काल सहारा देने के लिए जैक और दूसरे उपकरण मौके पर लगाए गए। अधिकारियों का कहना है कि स्थिरीकरण और तकनीकी जांच के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
तकनीकी जांच के बाद तय होगा आगे क्या होगा
जिलाधिकारी विशाख जी ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन के मुताबिक, जिन परिवारों के पास रहने की दूसरी व्यवस्था नहीं है, उनके लिए जरूरत पड़ने पर अस्थायी आश्रय की व्यवस्था की जाएगी।
मेयर सुषमा खर्कवाल ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया और भवन की तत्काल तकनीकी एवं संरचनात्मक सुरक्षा जांच कराने के निर्देश दिए। जांच में लापरवाही सामने आने पर कार्रवाई की बात कही गई है।
⚠️ जरूरी सूचना: इमारत के कमजोर होने और अतिरिक्त मंजिलों के निर्माण की जानकारी सरकारी रिकॉर्ड और अधिकारियों के हवाले से सामने आई है। पिलर टूटने की सटीक तकनीकी वजह और किसी की जिम्मेदारी जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।