भारत-ईरान रिश्तों पर ईरान का बड़ा बयान
तेहरान। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन की हालिया मुलाकात के कुछ दिन बाद ईरान ने भारत के साथ अपने संबंधों को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिया है। ईरानी विदेश मंत्रालय ने भारत और ईरान के रिश्तों को लंबे समय से चले आ रहे, ऐतिहासिक और सभ्यतागत संबंध बताया है।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा कि दोनों देशों के बीच संबंधों को तेहरान काफी महत्व देता है।
मोदी-पेजेशकियन की मुलाकात में कई मुद्दों पर चर्चा
SCO शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन की मुलाकात हुई थी। इस दौरान दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर बातचीत की।
ईरानी विदेश मंत्रालय के अनुसार, बातचीत में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण चाबहार पोर्ट का मुद्दा भी शामिल था। इसके अलावा व्यापार और आर्थिक सहयोग को लेकर भी चर्चा की गई।
'भारत के साथ ऐतिहासिक और सभ्यतागत संबंध'
प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने भारत के साथ रिश्तों को लेकर कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध लंबे समय से चले आ रहे हैं और उनका ऐतिहासिक व सभ्यतागत आधार है।
उन्होंने भारत की SCO और BRICS जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों में सदस्यता का भी जिक्र किया और कहा कि ईरान विभिन्न क्षेत्रों, विशेष रूप से व्यापार और आर्थिक सहयोग में भारत के साथ अच्छे संबंध रखता है।
चाबहार पोर्ट बना बातचीत का अहम मुद्दा
भारत और ईरान के संबंधों में चाबहार पोर्ट को एक महत्वपूर्ण परियोजना माना जाता है। यह परियोजना क्षेत्रीय संपर्क और व्यापार के लिहाज से दोनों देशों के लिए रणनीतिक महत्व रखती है।
हालिया मुलाकात में इस परियोजना पर चर्चा से संकेत मिलता है कि दोनों देश आर्थिक और क्षेत्रीय सहयोग को आगे बढ़ाने में रुचि रखते हैं।
आगे और मजबूत हो सकते हैं द्विपक्षीय संबंध
ईरान के हालिया बयान को भारत के साथ संबंधों को मजबूत करने की दिशा में सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है। दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद ऐतिहासिक संबंधों के साथ व्यापार, कनेक्टिविटी और आर्थिक सहयोग के नए अवसरों पर भी बातचीत जारी है।
आने वाले समय में भारत और ईरान के बीच चाबहार पोर्ट समेत कई रणनीतिक परियोजनाओं पर आगे की प्रगति पर नजर रहेगी।