बेसमेंट में लंबे समय से था पानी रिसाव का मामला
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन इलाके में सोमवार को PG बिल्डिंग गिरने के मामले में जांच तेज हो गई है। हादसे में सात लोगों की मौत हुई थी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, इमारत के बेसमेंट में लंबे समय से पानी रिसाव की समस्या थी। हादसे के समय बेसमेंट में इस रिसाव को ठीक करने का काम चल रहा था।
मरम्मत कर रहे ठेकेदार की तलाश में पुलिस
पुलिस अब उस लेबर कॉन्ट्रैक्टर की तलाश कर रही है, जो बेसमेंट में पानी रिसाव की मरम्मत का काम करा रहा था।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि मरम्मत का काम किस तरह किया जा रहा था और क्या इस दौरान इमारत के ढांचे में कोई बदलाव किया गया था।
क्या मरम्मत कार्य बना हादसे की वजह?
जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि बेसमेंट में चल रहे काम का इमारत की संरचना पर कोई असर पड़ा या नहीं।
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि मरम्मत के दौरान किसी तरह के निर्माण नियमों या सुरक्षा मानकों का उल्लंघन तो नहीं हुआ। हालांकि अभी तक बिल्डिंग गिरने की अंतिम वजह को लेकर कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
हादसे में गई सात लोगों की जान
सत्य निकेतन इलाके में दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास स्थित PG बिल्डिंग सोमवार को अचानक ढह गई थी। इस दर्दनाक हादसे में सात लोगों की मौत हो गई।
घटना के बाद राहत और बचाव अभियान चलाया गया। अब रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद जांच एजेंसियों का फोकस हादसे की वास्तविक वजह और संभावित जिम्मेदार लोगों की भूमिका तय करने पर है।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई
पुलिस फिलहाल मरम्मत कार्य से जुड़े लोगों से जानकारी जुटाने के साथ ही इमारत की संरचना और बेसमेंट में किए गए काम की जांच कर रही है।
ठेकेदार के मिलने और तकनीकी जांच रिपोर्ट आने के बाद यह साफ हो सकेगा कि बिल्डिंग गिरने के पीछे पानी रिसाव, मरम्मत कार्य या किसी अन्य कारण की क्या भूमिका रही।