वीडियो में दिखी गोलीबारी की घटना
लखनऊ के सआदतगंज क्षेत्र के ब्राह्मणी टोला में तीन लोगों की हत्या के मामले में सामने आए वीडियो ने घटना को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। द इंडियन एक्सप्रेस की 31 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, स्थानीय लोगों द्वारा रिकॉर्ड किए गए फुटेज में आरोपी ऋषभ शुक्ला कथित तौर पर परिवार के सदस्यों पर नजदीक से गोली चलाता दिखाई देता है।
वीडियो में शिवेंद्र तिवारी जमीन पर पड़े नजर आते हैं, जबकि उनकी पत्नी रुचि और बेटी पास में रोती दिखाई देती हैं। इसी दौरान ऋषभ और शिवेंद्र के बेटे सुयश के बीच घर के बाहर खड़ी कार के पास हाथापाई होती दिखती है।
सुयश और शिवाजी पर गोली चलाने का दृश्य
रिपोर्ट के अनुसार, फुटेज में ऋषभ कथित तौर पर पिस्तौल निकालकर सुयश पर दो गोलियां चलाता दिखाई देता है। इसके बाद शिवेंद्र के भाई शिवाजी तिवारी सुयश की ओर दौड़ते हैं और उन्हें उठाने की कोशिश करते हैं। इसी दौरान आरोपी द्वारा शिवाजी के सिर पर नजदीक से गोली चलाए जाने का दृश्य भी फुटेज में होने की बात कही गई है।
घटना के दौरान आसपास मौजूद लोगों की चीख-पुकार भी सुनाई देती है। वीडियो में आरोपी बाद में कैमरा रिकॉर्ड कर रहे व्यक्ति के पास जाता है और दावा करता है कि उसके साथ मारपीट हुई थी तथा उसने जवाब में गोली चलाई।
पार्किंग विवाद में गई तीन लोगों की जान
यह घटना 26 अक्टूबर को लखनऊ के सआदतगंज क्षेत्र में हुई थी। मृतकों की पहचान शिवेंद्र तिवारी, उनके भाई शिवाजी तिवारी और शिवेंद्र के बेटे सुयश तिवारी के रूप में हुई है। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, पड़ोसियों के बीच कार खड़ी करने और बरगद के पेड़ के पास निर्माण को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया।
आरोपी के खिलाफ कार्रवाई और जांच
मामले में ऋषभ शुक्ला को गिरफ्तार किया गया है। द इंडियन एक्सप्रेस की 31 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी के परिवार के छह सदस्य जेल में हैं, जबकि दो अन्य रिश्तेदारों की तलाश जारी थी। उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण और गृह विभाग के प्रमुख सचिव संजय प्रसाद ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर जल्द सुनवाई का आश्वासन भी दिया।
⚠️ जरूरी सूचना: वीडियो में दिखाई देने वाली घटनाओं और आरोपी के दावों की कानूनी जांच जरूरी है। आरोपी द्वारा आत्मरक्षा में गोली चलाने का दावा भी रिपोर्टों में सामने आया है। घटना की परिस्थितियों और जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा।