सत्य निकेतन हादसे में पुलिस की कार्रवाई तेज
नई दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला PG इमारत गिरने से सात लोगों की मौत के बाद दिल्ली पुलिस ने जांच तेज कर दी है। हादसे के बाद इमारत के मालिक और उससे जुड़े लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, इमारत में निर्माण और मरम्मत का काम चल रहा था और इसी दौरान संरचनात्मक सुरक्षा से जुड़े कई सवाल सामने आए हैं।
मालिक के बेटे को 2 दिन की पुलिस हिरासत
हादसे के मामले में इमारत के मालिक हरिराम गुप्ता और उनकी पत्नी उर्मिला गुप्ता को गिरफ्तार कर कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा था।
वहीं उनके बेटे महेश गुप्ता को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया था। पुलिस के अनुसार महेश इमारत के रोजमर्रा के प्रबंधन से जुड़ा था।
PG ऑपरेटर सुधांशु गिरफ्तार
जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस ने PG ऑपरेटर सुधांशु को भी गिरफ्तार कर लिया। वह 'Hostel Daze' नाम से संचालित PG के दो ऑपरेटरों में से एक था। दूसरा ऑपरेटर अभी पुलिस की पकड़ से बाहर बताया जा रहा है।
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि PG संचालन, लीज एग्रीमेंट और इमारत में चल रहे मरम्मत कार्य में आरोपियों की क्या भूमिका थी।
मजदूर ठेकेदार भी पुलिस की गिरफ्त में
पुलिस ने इमारत में चल रहे काम की निगरानी करने वाले लेबर कॉन्ट्रैक्टर सानोज को उत्तर प्रदेश के कासगंज से पकड़ा। पुलिस उससे निर्माण और मरम्मत से जुड़े काम की जानकारी हासिल कर रही है।
सात लोगों की हुई थी मौत
सत्य निकेतन में करीब पांच दशक पुरानी पांच मंजिला इमारत रविवार को अचानक ढह गई थी। इसमें PG के तौर पर रह रहे छात्रों समेत सात लोगों की मौत हुई।
जांच में इमारत की संरचना, अतिरिक्त मंजिलों और चल रहे निर्माण/मरम्मत कार्य को लेकर सवाल उठे हैं। कुछ रिपोर्टों में बेसमेंट में पानी जमा होने और संरचनात्मक कमजोरी को भी जांच के संभावित पहलुओं में शामिल बताया गया है।
जांच में अब क्या सामने आएगा?
पुलिस की जांच का मुख्य फोकस यह पता लगाना है कि इमारत की संरचनात्मक स्थिति क्या थी, उसमें कौन-से निर्माण या मरम्मत कार्य चल रहे थे और हादसे से पहले सुरक्षा नियमों का कितना पालन किया गया था।
मामले में गिरफ्तार लोगों से पूछताछ के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।