हाईकोर्ट के रुख का किया स्वागत
लखनऊ के शाही इमाम ईदगाह मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने सहारनपुर मस्जिद ध्वस्तीकरण मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट के रुख का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि अदालत द्वारा राज्य सरकार से जवाब मांगा जाना और मस्जिद पर लगाए गए जुर्माने की वसूली पर रोक लगाया जाना न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
मस्जिद के अधिकारों की रक्षा की उम्मीद
मौलाना खालिद रशीद ने उम्मीद जताई कि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान मस्जिद से जुड़े अधिकारों की रक्षा होगी और प्रभावित पक्ष को न्याय मिलेगा। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों को संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत संरक्षण प्राप्त है और उम्मीद है कि अदालत के समक्ष इन पहलुओं का उचित ध्यान रखा जाएगा।
जल्द पुनर्निर्माण की जताई उम्मीद
उन्होंने सहारनपुर की मस्जिद के जल्द पुनर्निर्माण की भी उम्मीद जताई। हालांकि, मस्जिद के स्वामित्व और सरकारी जमीन पर उसके निर्माण को लेकर मामला अभी न्यायिक प्रक्रिया में है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार प्रशासन का पक्ष है कि ढांचा सरकारी जमीन पर अनधिकृत रूप से बना था, जबकि मस्जिद प्रबंधन ने कार्रवाई की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।
हाईकोर्ट में क्या हुआ?
मामले में दाखिल याचिका पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और प्रशासन से जवाब मांगा है। रिपोर्टों के मुताबिक, सहारनपुर प्रशासन द्वारा लगाया गया करीब ₹6.41 करोड़ का जुर्माना भी विवाद का हिस्सा है और अदालत ने फिलहाल इसकी वसूली पर रोक लगा दी है